Tuesday, January 11, 2011

राजधानी में बसेंगे पांच नए उपनगर

उत्तरी, दक्षिण और पच्चिम दिल्ली में विकसित होंगे
दिल्ली की बढ़ती आबादी को आवास मुहैया कराने के लिए पांच नए उपनगर बनाने की तैयारी शुरु हो गयी है | ये सभी दिल्ली के बाहरी इलाकों में होंगे | इन उपनगरों में अनुमानतः करीब ७० लाख लोगों के रहने की व्यवस्था होगी | डीडीए द्वारा इस बाबत १५ जनवरी को लाई जा रही लैंड-पॉलिसी की मंजूरी के बाद इन उपनगरों के विकास की तैयारी शुरू हो जाएगी | इसकी योजना मास्टर प्लान के तहत तैयार की गई है जिसका मकसद २०२१ तक दिल्ली की अनुमानित २.३० करोड़ आबादी के लिए आवास की व्यवस्था करना है | अनुमान के तहत २०२१ तक दिल्ली में अतिरिक्त ११.५ लाख आवासीय इकाईयों की जरुरत होगी | इसी के मद्देनजर मास्टर प्लान के अंतर्गत बने जोनल प्लान के जरिये उपनगरों को विकसित किया जाना है
मास्टर प्लान
डीडीए के पूर्व योजना आयुक्त ए. के. जैन के मुताबिक, योजना के तहत दक्षिणी दिल्ली स्थित छतरपुर के आसपास के गोवों की जमीने विकसित की जाएगी | पहले यहाँ के लोगों ने इसका विरोध किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यहाँ इसके निर्माण का रास्ता साफ हो गया |
उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में कंझावला में भी सरकार को विरोध का सामना करना पड़ा था | इस इलाके में डीडीए अधिग्रहण की बजाय प्राइवेट विल्डर्स को सीधे तौर पर जमीन खरीद की इजाजत देने के मूड में है | तीसरी सब सिटी उत्तरी क्षेत्र में बुराड़ी के आसपास, चौथा एवं पांचवां उपनगर पश्चिम इलाके में नांगलोई तथा नजफ़गढ़ के आसपास विकसित किया जायेगा |
स्रोत- हिन्दुस्तान -१०.०१.२०११

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